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Happy Diwali 2025: इस दिवाली पर 100 साल बाद महालक्ष्मी योग, एक कहानी से समझिए पूजा की अहमियत

Diwali 2025: इस दिवाली में 100 साल बाद महालक्ष्मी राजयोग बन रहा है, जो धन-समृद्धि लाएगा. चंद्र-मंगल युति और गुरु का उच्च राशि प्रवेश पूजा को विशेष बनाएगा. शुभ मुहूर्त: शाम 7:08 से 8:18 बजे रहेगा. घरों में दीप जलाएं, मां लक्ष्मी का आह्वान करें.

Diwali 2025, Laxmi Ganesh Puja

प्रकाश की ज्योति में समृद्धि का संयोग

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Hindu Festivals: दिल्ली के पुराने मोहल्ले में रहने वाली राधा की जिंदगी हमेशा संघर्षों से भरी रही. पिता की छोटी सी किराना दुकान चलाने वाली राधा ने कभी हार नहीं मानी. लेकिन इस साल 2025 की दिवाली ने सब कुछ बदल दिया. समाचारों में खबर देखी- 100 साल बाद महालक्ष्मी राजयोग.

ज्योतिषियों ने बताया था- 20 अक्टूबर को कार्तिक अमावस्या पर चंद्रमा-मंगल की युति, बुध-शुक्र का राशि परिवर्तन और गुरु का कर्क राशि में उच्च प्रवेश इस योग को दुर्लभ बना रहा है. राधा ने सोचा, शायद यह उनके परिवार के लिए नई उम्मीद की किरण हो. घर सजाते हुए उन्होंने दीये सजाए, मानो आकाश से उतर रही लक्ष्मी मां का स्वागत हो.

Kajal on Diwali Night

ज्योतिषीय चमत्कार, ग्रहों की शुभ चाल

इस दिवाली का महत्व केवल त्योहार तक सीमित नहीं. इंटरनेट पर सर्च करते ही पता चला कि यह राजयोग आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि का प्रतीक है. पिछले सालों की वैश्विक चुनौतियों- युद्ध, आर्थिक मंदी के बाद यह योग चमत्कारिक है. चंद्रमा की अमावस्या स्थिति में मंगल की युति ऊर्जा प्रदान करेगी, जबकि गुरु का उच्च स्थान बुद्धि और धन वृद्धि का वरदान देगा.

राधा ने ऑनलाइन पंचांग चेक किया– प्रदोष काल शाम 5:46 से 8:18 तक, वृषभ काल 7:08 से 9:03 बजे, और सर्वोत्तम मुहूर्त 7:08 से 8:18 बजे. यह समय मां लक्ष्मी के भ्रमण का आदर्श क्षण माना जाता है. घर-घर में लोग कौड़ियां, खील-बताशे और दही-दूर्वा से सजावट कर रहे थे, क्योंकि शुक्र ग्रह के प्रभाव से ये लाभकारी सिद्ध होंगे.

पूजन की तैयारी: परंपरा और उपाय

सुबह होते ही राधा ने लड्डू गोपाल को नए वस्त्र पहनाए. उन्होंने श्री सूक्त का पाठ किया और महालक्ष्मी मंत्र ‘ॐ ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ का जाप शुरू किया.

पूजन सामग्री में कमल के फूल, सिक्के, फल और मिठाई रखी. गणेश जी को प्रथम आमंत्रित कर, फिर लक्ष्मी-कुबेर की आरती उतारी. शहर भर में बाजार चमक रहे थे- इको-फ्रेंडली दीये, ऑर्गेनिक मिठाइयां बिक रही थीं.

राधा के पड़ोसी ने बताया, “इस बार पूजा के बाद शेयर बाजार में उछाल की भविष्यवाणी हो रही है.” वाकई, ज्योतिष ऐप्स पर यह खबर ट्रेंडिंग थी.

भाई दूज तक खुशियां बरसती रहीं

रात के सन्नाटे में जब दीये जल उठे, राधा ने आंखें बंद कीं. अचानक दुकान, का फोन बजा- एक बड़ा ऑर्डर मिला. अगले दिन, परिवार ने मिलकर नरक चतुर्दशी मनाई, जो 19 अक्टूबर को थी. यह दिवाली न केवल रोशनी की थी, बल्कि आशा की भी. महालक्ष्मी योग ने साबित कर दिया कि ग्रहों का संयोग जीवन बदल सकता है. राधा मुस्कुराईं, “मां लक्ष्मी का आगमन हर घर में हो.” इस त्योहार ने न केवल धन, बल्कि एकजुटता का संदेश दिया. भाई दूज तक घरों में खुशियां बरसती रहीं.



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