कैंची धाम मंदिर व्यवस्था
Kaichi Dham new darshan rules: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन करना अब पहले जितना आसान नहीं रहेगा. पिछले वीकेंड धाम में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ने और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी. अब कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं. प्रशासन ने भविष्य में लगने वाले भारी जाम और अव्यवस्था से निपटने के लिए एक सख्त और स्थायी क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करने का फैसला किया है.
बैठक में कैंची धाम दर्शन और क्राउड मैनेजमेंट (Baba Neem Karoli Kaichi Dham Temple Management) के प्रमुख नियमों को लेकर बात हुई है. कुछ चीजों को अभी से लालू किया जा रहा है. कुछ के लिए पूरी प्लानिंग तैयार की जा रही है. आइये जानें क्या हैं 10 चीजें जो बदलने वाली हैं.
श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन
प्रशासन यह पहले से तय करना चाहता है कि किसी दिन धाम में कितने श्रद्धालु आने वाले हैं. इसके लिए शासन को श्रद्धालुओं के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव भेजा जा रहा है, ताकि उसी हिसाब से पार्किंग और सुरक्षा का इंतजाम हो सके.
20 से 25 हजार की ‘मैनेजेबल कैप’
बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शुरुआती तौर पर 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की संख्या को मैनेजेबल कैप के रूप में तय किया गया है, ताकि स्थानीय संसाधनों और हाईवे पर अत्यधिक दबाव न पड़े.
मंदिर में अलग एंट्री और एग्जिट (प्रवेश और निकास)
मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम करने और आमने-सामने की भगदड़ से बचने के लिए अब आने और जाने के रास्ते पूरी तरह अलग-अलग किए जा रहे हैं.
होटल और होमस्टे की एडवांस बुकिंग अनिवार्य
कमिश्नर ने अपील की है कि पर्यटक बिना ठहरने की व्यवस्था बुक किए न आएं. बिना बुकिंग के आने पर वाहन सड़कों पर घूमते हैं, जिससे ट्रैफिक बढ़ता है. प्रशासन इसकी भी जांच कर सकता है.
हर वीकेंड से पहले हाई-लेवल समीक्षा बैठक
अब केवल बड़े अवसरों पर नहीं, बल्कि सामान्य वीकेंड से पहले भी एसडीएम, सीओ और एआरटीओ स्तर के अधिकारी बैठक कर भीड़ और ट्रैफिक रूट का आकलन करेंगे. जरूरत पड़ने पर शटल सेवाएं भी चलाई जाएंगी.
बाइक टैक्सियों और कमर्शियल वाहनों पर सख्ती
नियमों के विपरीत निजी मोटरसाइकिलों को किराये पर चलाने और अवैध रूप से बाइक टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करने वालों पर परिवहन विभाग सख्त कार्रवाई करेगा.
शिप्रा नदी की पवित्रता पर विशेष नजर
नदी में स्नान के नाम पर पिकनिक जैसा माहौल बनाने और गंदगी फैलाने वालों पर रोक लगाई जाएगी. वन विभाग की ड्यूटी लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा.
दुकानों और होटलों की मनमानी कीमतों पर लगाम
स्थानीय बाजारों में श्रद्धालुओं से मनमाने दाम वसूलने वाले दुकानदारों को रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं. अधिक वसूली की शिकायत मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी.
यातायात और पार्किंग का सख्त प्रबंधन
भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर जाम की समस्या से निपटने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों (अल्मोड़ा, पिथौरागढ़) की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी न हो.
आपातकालीन निकासी और सुरक्षा इंतजाम
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.
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बढ़ते धार्मिक पर्यटन और वीकेंड पर उमड़ने वाली अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए प्रशासन के ये कड़े कदम (Kaichi Dham Crowd Management) बेहद जरूरी हो गए थे. कैंची धाम आने वाले भक्तों की आस्था और सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह नया क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम आने वाले दिनों में मील का पत्थर साबित हो सकता है. हालांकि, इसके सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशासन के साथ-साथ श्रद्धालुओं का सहयोग भी उतना ही जरूरी होगा.
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