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Kainchi Dham Foundation Day: नीम करोली बाबा के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Kainchi Dham Foundation Day: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उत्तराखंड के नैनीताल में भव्य मेले का आयोजन हुआ, जहां देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचे. बाबा नीम करोली महाराज को प्रिय माने जाने वाले मालपुए का प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया.

Kainchi Dham Foundation Day

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Kainchi Dham Foundation Day: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में रविवार को स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया गया. इस दौरान देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु बाबा नीम करोली महाराज के दर्शन करने के लिए कैंची धाम पहुंचे. पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला. मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं.

नीम करोली में मालपुए का लगता है भोग

मान्यता है कि बाबा नीम करोली के दरबार में आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता. यही कारण है कि हर वर्ष स्थापना दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. इस मौके पर भक्तों को विशेष रूप से मालपुए का प्रसाद वितरित किया गया. माना जाता है कि बाबा नीम करोली को मालपुए अत्यंत प्रिय थे, इसलिए स्थापना दिवस पर मालपुए का प्रसाद बांटने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है.

विराट कोहली समेत कई प्रसिद्ध हस्तियां भी जा चुकी हैं नीम करोली मंदिर

कैंची धाम की ख्याति केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी बाबा के लाखों अनुयायी हैं. दुनिया की कई प्रसिद्ध हस्तियां भी यहां आ चुकी हैं. एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली भी बाबा के दर्शन के लिए कैंची धाम पहुंच चुके हैं. यही वजह है कि यह स्थान आध्यात्मिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है.

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15 जून को कैंची धाम में स्थापना दिवस मनाया जाता

हर वर्ष 15 जून को कैंची धाम में स्थापना दिवस मनाया जाता है. कैंची धाम की स्थापना जून 1964 में हुई थी. बताया जाता है कि वर्ष 1962 में नीम करोली बाबा ने कैंची गांव के पूर्णानंद से मुलाकात की और सोमबारी महाराज की यज्ञशाला देखने की इच्छा व्यक्त की. इसके बाद वहां सफाई कर एक चबूतरे का निर्माण किया गया और उसी स्थान पर हनुमान मंदिर की स्थापना की गई. 15 जून 1964 को मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई, जिसके बाद से हर साल इस दिन विशाल मेले का आयोजन किया जाता है. हनुमान जी का अवतार माने जाने वाले नीम करोली बाबा ने वर्ष 1973 में वृंदावन में देह त्यागी थी. उनका जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में हुआ था और उनका बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था. आज भी करोड़ों श्रद्धालु बाबा को अपनी आस्था और श्रद्धा का केंद्र मानते हैं.

भारत एक्सप्रेस



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