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राजा महाबली की घर वापसी से जुड़ा है ओणम, जानें पुक्कलम से ओणसद्या तक इस त्योहार की खासियत

Onam 2026 Festival: केरल का प्रमुख त्योहार ओणम फसल, समृद्धि और खुशहाली का पर्व है, जिसकी सबसे खास मान्यता राजा महाबली की घर वापसी से जुड़ी है. दस दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में पुक्कलम, ओणसद्या, वल्लम कली और पुलिकली जैसे पारंपरिक आयोजन आकर्षण का केंद्र रहते हैं.

Onam 2026 Festival

फोटो क्रेडिट- एआई जनरेटेड

Onam 2026 Festival: ओणम केरल का प्रमुख त्योहार है, जिसे फसल, समृद्धि और खुशहाली के उत्सव के रूप में मनाया जाता है.यह त्योहार मलयालम कैलेंडर के चिंगम महीने में आता है और आमतौर पर अगस्त-सितंबर के बीच पड़ता है.ओणम केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि केरल की संस्कृति, खान-पान, लोककलाओं और पारिवारिक मेल-मिलाप का बड़ा उत्सव है.केरल पर्यटन के अनुसार, 2026 में तिरुवोनम 26 अगस्त को मनाया जाएगा.

महाबली की घर वापसी से जुड़ी मान्यता

ओणम की सबसे प्रसिद्ध कथा राजा महाबली से जुड़ी है.मान्यता है कि महाबली एक न्यायप्रिय, उदार और लोकप्रिय राजा थे.उनके शासन में राज्य में खुशहाली और समृद्धि थी.भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर महाबली की परीक्षा ली और उनसे तीन पग भूमि मांगी.कथा के अनुसार, वामन ने दो कदमों में धरती और आकाश नाप लिया.तीसरे कदम के लिए महाबली ने अपना सिर प्रस्तुत कर दिया. महाबली की भक्ति और उदारता से प्रसन्न होकर उन्हें वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने की अनुमति मिली. इसी मान्यता के कारण ओणम के दौरान माना जाता है कि राजा महाबली अपने लोगों के बीच लौटते हैं.

दस दिनों तक चलता है उत्सव

ओणम का उत्सव अथम से शुरू होकर तिरुवोनम तक करीब दस दिनों तक चलता है.इन दिनों घरों की सफाई और सजावट की जाती है.आंगन में फूलों से खूबसूरत पुक्कलम यानी फूलों की रंगोली बनाई जाती है.हर दिन इसमें नए फूल और रंग जोड़े जाते हैं.

केले के पत्ते पर सजती है ओणसद्या

ओणम की सबसे खास पहचान ओणसद्या है.केले के पत्ते पर चावल, सांभर, अवियल, थोरन, ओलन, पचड़ी, किचड़ी, अचार, पापड़ और कई अन्य व्यंजन परोसे जाते हैं.भोजन का अंत आमतौर पर पायसम से होता है.पारंपरिक सद्या में कई तरह के व्यंजन शामिल होते हैं.

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नाव दौड़ और पुलिकली का रोमांच

ओणम के दौरान केरल की पारंपरिक वल्लम कली यानी नाव दौड़ भी आकर्षण का केंद्र रहती है.इसके अलावा त्रिशूर की पुलिकली में कलाकार बाघों जैसी पोशाक और रंगीन बॉडी पेंटिंग के साथ नृत्य करते हैं.ये आयोजन केरल की लोकसंस्कृति और कला की खास झलक दिखाते हैं.

एकता और खुशहाली का संदेश

ओणम की खासियत यह है कि इसे केरल में अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर मनाते हैं.त्योहार परिवार, दोस्त और समाज को एक साथ लाने का अवसर देता है.महाबली की कहानी के साथ जुड़ी समानता, समृद्धि और खुशहाली की भावना ही ओणम को केरल की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा बनाती है.

भारत एक्सप्रेस



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