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आस्था

Sawan Shiv Puja Shani Dosh: सावन में भगवान शिव की पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से की गई शिव आराधना शनि दोष के प्रभाव को कम करने और मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायक मानी जाती है.

18 जुलाई 2026 को ग्रहों के विशेष गोचर का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा. कुछ राशियों को धन लाभ और करियर में सफलता मिलेगी, जबकि कुछ को निवेश और आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है. जानिए मेष से मीन तक आज का पूरा राशिफल और किन राशियों के लिए दिन रहेगा सबसे शुभ.

18 जुलाई 2026, शनिवार को आषाढ़ शुक्ल पंचमी, रवि योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है. जानें आज का राहुकाल, शुभ चौघड़िया, पंचांग और शनि देव को प्रसन्न करने के विशेष उपाय.

Sawan 2026: सावन 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से होगी लेकिन असली रहस्य पहले सोमवार में छिपा है. जानें कौन सा मुहूर्त सबसे शुभ है और किन तिथियों पर सावन सोमवार पड़ेंगे.

महाप्रभु जगन्नाथ का हर साल गुंडिचा मंदिर जाना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्त को दिए वचन का प्रतीक है. जानिए क्यों तीनों भाई-बहनों का रथ इसी मंदिर में जाता है, क्या है 9 दिनों के प्रवास की कहानी और पोडा पीठा भोग का महत्व.

Sawan Shivling Puja Rules: सावन में भगवान शिव की पूजा के दौरान कुछ वस्तुओं को शिवलिंग पर अर्पित करना धार्मिक परंपराओं में वर्जित माना गया है. जानिए किन 5 चीजों को चढ़ाने से बचना चाहिए और शास्त्रों में इसके पीछे क्या धार्मिक मान्यताएं बताई गई हैं.

17 जुलाई 2026, विनायक चतुर्थी पर ग्रहों के विशेष संयोग से कई राशियों को धन लाभ, करियर में उन्नति और शुभ समाचार मिलने के संकेत हैं. वहीं सिंह और धनु राशि के जातकों को खर्च, मानसिक तनाव और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

17 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल विनायक चतुर्थी पर रवि योग और व्यतीपात जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, लेकिन शाम से भद्रा काल भी शुरू होगा. जानें पूजा का शुभ समय, राहुकाल, चौघड़िया मुहूर्त, यमगंड, गुलिक काल और भगवान गणेश को प्रसन्न करने का अचूक उपाय.

Jagannath Rath Yatra: पुरी में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान मुस्लिम भक्त की मजार पर रथ रुकने की परंपरा क्यों निभाई जाती है? जानिए इसकी मान्यता और धार्मिक महत्व.

Jagannath Rath Yatra 2026: जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान कपल्स के एक साथ दर्शन न करने की मान्यता वर्षों से प्रचलित है. जानिए राधा रानी के श्राप से जुड़ी लोककथा, धार्मिक मान्यता और शास्त्र इस बारे में क्या कहते हैं.