Aaj Ka Panchang 28 April 2026: 28 अप्रैल 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है. आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी उपरांत त्रयोदशी तिथि है. इस दिन परशुराम द्वादशी और भौम प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को हनुमानजी और मंगलदेव की पूजा का महत्व होता है. वहीं प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है. ऐसे में आज का दिन भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है.
परशुराम द्वादशी का महत्व
धार्मिक परंपराओं के अनुसार द्वादशी तिथि भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुरामजी को समर्पित होती है. इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में शक्ति, साहस और सफलता प्राप्त होती है. भक्त परशुरामजी की आराधना कर धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा का संकल्प लेते हैं.
भौम प्रदोष व्रत की महत्ता
मंगलवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत ‘भौम प्रदोष’ कहलाता है. प्रदोष काल यानी सूर्यास्त से पहले और बाद का समय भगवान शिव की पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. इस व्रत को करने से सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की मान्यता है. मंगलवार को यह व्रत रखने से शिवजी और हनुमानजी दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है.
पूजा विधि और नियम
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. घर के मंदिर या हनुमान मंदिर में जाकर पूजा करें. हनुमानजी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चने का भोग अर्पित करें. दीपक जलाकर हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें. पूजा के दौरान मन को शांत और एकाग्र रखना आवश्यक है. व्रत रखने वाले भक्त सात्विक भोजन का सेवन करें और दिनभर हनुमानजी का ध्यान करते रहें.
आज का पंचांग
- तिथि: द्वादशी तिथि शाम 6:51 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी
- नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी रात 10:36 बजे तक, फिर हस्त नक्षत्र
- करण: बव सुबह 6:30 बजे तक, बालव शाम 6:51 बजे तक, फिर कौलव
- योग: व्याघात रात 9:04 बजे तक, उसके बाद हर्षण योग
- चंद्र राशि: कन्या
- सूर्य राशि: मेष
सूर्योदय और चंद्रोदय
- सूर्योदय: सुबह 5:43 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:54 बजे
- चंद्रोदय: शाम 4:04 बजे
- चंद्रास्त: 29 अप्रैल सुबह 4:00 बजे
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 4:17 से 5:00 बजे
- अभिजीत मुहूर्त: 11:52 से 12:45 बजे
- विजय मुहूर्त: 2:31 से 3:23 बजे
- गोधूलि मुहूर्त: 6:53 से 7:15 बजे
- अमृत काल: 3:01 से 4:42 बजे
- निशिता मुहूर्त: 11:57 से 12:40 बजे
- त्रिपुष्कर योग: 5:43 से 6:51 बजे
अशुभ समय
- राहुकाल: 3:37 से 5:16 बजे
- यमगण्ड: 9:01 से 10:40 बज
- दुर्मुहूर्त: 8:21 से 9:14 बजे
- गुलिक काल: 12:19 से 1:58 बजे
- दिशाशूल: उत्तर दिशा
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आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ है. परशुराम द्वादशी और भौम प्रदोष व्रत का संयोग भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है. हनुमानजी और भगवान शिव की संयुक्त आराधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की मान्यता है.
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