शरद ऋतु के आगमन के साथ ही दुर्गा पूजा की रौनक भी नजर आने लगी है. मां दुर्गा के स्वागत के लिए वैषाली कालीबाड़ी सांस्कृतिक संघ ने शारदोत्सव 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है. इस मौके पर दुर्गा पूजा के साथ कोजागरी लक्ष्मी पूजा, श्री श्री श्यामा पूजा और सरस्वती पूजा का भी आयोजन किया जाएगा. संघ की ओर से सभी श्रद्धालुओं को इन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है.
संघ की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस साल दुर्गा पूजा के कार्यक्रम 16 अक्टूबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे. इसके बाद 25 अक्टूबर को कोजागरी लक्ष्मी पूजा और 8 नवंबर को श्यामा पूजा आयोजित की जाएगी. अगले साल 11 फरवरी 2027 को सरस्वती पूजा के साथ धार्मिक आयोजनों का सिलसिला आगे बढ़ेगा.
16 से 21 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा का आयोजन
शारदोत्सव के दौरान हर दिन विशेष पूजा, पुष्पांजलि, प्रसाद वितरण, भोग और आरती का कार्यक्रम रखा गया है. 16 अक्टूबर को महाषष्ठी के अवसर पर सुबह 9:30 बजे कल्पारंभ और बोधन पूजा होगी. इसके बाद सुबह 10:30 बजे पुष्पांजलि और 11 बजे प्रसाद वितरण किया जाएगा. दोपहर 12 बजे भोग और आरती का आयोजन होगा.
17 अक्टूबर को महा सप्तमी मनाई जाएगी. इस दिन सुबह 8 बजे नवपत्रिका प्रवेश और पूजा होगी, जबकि 10:30 बजे सप्तमी पूजा शुरू होगी. सुबह 11 बजे प्रसाद वितरण और दोपहर 12 बजे भोग व आरती रखी गई है. 18 अक्टूबर को महाष्टमी के अवसर पर सुबह 9:30 बजे पूजा शुरू होगी. श्रद्धालु सुबह 10 बजे पुष्पांजलि अर्पित कर सकेंगे. इसके बाद 11 बजे प्रसाद वितरण और दोपहर 12 बजे भोग व आरती होगी.
19 अक्टूबर को महानवमी के दिन सुबह 7:25 बजे संधि पूजा शुरू होगी. इसके बाद सुबह 9:30 बजे पुष्पांजलि और दोपहर 12 बजे भोग व आरती का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है. 20 अक्टूबर को भी महानवमी के तहत पूजा रखी गई है. इस दिन सुबह 9:30 बजे पूजा शुरू होगी, 10 बजे पुष्पांजलि, 11 बजे प्रसाद वितरण और दोपहर 12 बजे भोग व आरती होगी.
21 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ दुर्गा पूजा के कार्यक्रमों का समापन होगा. इस दिन सुबह 9:30 बजे पूजा शुरू होगी. सुबह 10 बजे पुष्पांजलि, 11 बजे प्रसाद वितरण और दोपहर 12 बजे भोग व आरती का आयोजन किया जाएगा.
दुर्गा पूजा के बाद 25 अक्टूबर, रविवार को वैषाली कालीबाड़ी परिसर में श्री श्री कोजागरी लक्ष्मी पूजा आयोजित की जाएगी. इस दिन शाम 7:30 बजे पूजा शुरू होगी. रात 8:30 बजे पुष्पांजलि और 8:45 बजे भोग व आरती होगी. रात 9 बजे होम और 10 बजे भोग वितरण का कार्यक्रम रखा गया है.
कोजागरी लक्ष्मी पूजा बंगाली परंपरा में विशेष महत्व रखती है. इस अवसर पर श्रद्धालु मां लक्ष्मी की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं.
नवंबर में श्यामा पूजा, फरवरी में सरस्वती पूजा
वैषाली कालीबाड़ी में 8 नवंबर 2026, रविवार को श्री श्री श्यामा पूजा का आयोजन भी किया जाएगा. जारी कार्यक्रम के अनुसार, पूजा सुबह 9:30 बजे शुरू होगी. हालांकि, आरती, भोग, पुष्पांजलि और होम के लिए दी गई समय-सारिणी में कुछ समय संबंधी विसंगतियां हैं, इसलिए श्रद्धालुओं को इन कार्यक्रमों का सटीक समय संघ से सुनिश्चित कर लेना चाहिए.
इसके बाद 11 फरवरी 2027, गुरुवार को श्री श्री सरस्वती पूजा आयोजित की जाएगी. सुबह 9 बजे पूजा शुरू होगी और 10:30 बजे पुष्पांजलि होगी. सुबह 11 बजे बच्चों के हाथेखड़ी संस्कार का आयोजन किया जाएगा, जो छोटे बच्चों को औपचारिक रूप से पढ़ाई-लिखाई की शुरुआत कराने की बंगाली परंपरा है. दोपहर 12 बजे भोग व आरती और 12:30 बजे होम होगा. शाम 7:30 बजे संध्या आरती और रात 8 बजे भोग का कार्यक्रम रखा गया है.
पूजा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी
धार्मिक आयोजनों के अलावा वैषाली कालीबाड़ी में हर दिन शाम 7:30 बजे संध्या आरती होगी. इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का भी अवसर मिलेगा.
वैषाली कालीबाड़ी सांस्कृतिक संघ ने सभी श्रद्धालुओं को शारदोत्सव और आगामी पूजा आयोजनों में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया है. संघ की ओर से जारी निमंत्रण पर अध्यक्ष सोम नाथ मुखर्जी, महासचिव अनंत घोष और कोषाध्यक्ष सदानंद दास के नाम दर्ज हैं.
शारदोत्सव का यह आयोजन धार्मिक आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मेल-मिलाप का अवसर लेकर आ रहा है. मां दुर्गा के स्वागत से लेकर सरस्वती पूजा तक, इन आयोजनों के जरिए श्रद्धालुओं को परिवार और समुदाय के साथ त्योहार मनाने का मौका मिलेगा.
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