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Raksha Bandhan 2024: भद्राकाल में भी भाई को बांध सकती हैं बहनें राखी, बस करना होगा ये आसान सा काम, नहीं आएगी कोई मुसीबत

भद्राकाल के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “पौराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि भद्रा भगवान सूर्य और छाया की पुत्री है. इसे शनि देव की बहन के रूप में जाना जाता है.

Raksha Bandhan 2024:

सांकेतिक तस्वीर.

Raksha Bandhan 2024: भाई-बहन के प्यार का पर्व रक्षाबंधन 19 अगस्त (सोमवार) को पड़ रहा है. पिछली बार की तरह इस बार भी इस दिन भद्राकाल लग रहा है. क्या आपके मन में भी यह प्रश्‍न है कि रक्षाबंधन पर भद्राकाल होने के बावजूद अपने भाई को रक्षा सूत्र कैसे बांधे? तो, आइये हम आपको इसके बारे में बताते हैं.

ज्योतिषी और वास्तुशास्त्री गायत्री शर्मा ने बताया कि “हिंदू पंचांग चंद्रमा की आकृति (कला) से चलता है. यह बेहद ही चंचल है. इसका समय ढाई दिन तक रहता है. यह किसी भी राशि में तीन दिन भी पूरे नहीं कर पाता. चंद्रमा के हिसाब से ही हिंदू पंचांग चलता है. यह हर एक राशि में परिवर्तित होता रहता है, जिससे तिथि के समय पर भी असर पड़ता है. इसलिए कहते हैं कि चंद्रमा की चंचलता से तिथियां बदलती रहती हैं.”

क्या है भद्राकाल?

भद्राकाल के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “पौराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि भद्रा भगवान सूर्य और छाया की पुत्री है. इसे शनि देव की बहन के रूप में जाना जाता है. वैसे तो भद्रा का जन्‍म राक्षसों का नाश करने के लिए हुआ था, मगर वह उल्‍टा देवताओं के कामों में बाधा डालने लगी.”

उन्होंने आगे बताया, “भद्रा के इन्हीं कामों की वजह से ब्रह्माजी ने उन्‍हें श्राप दिया कि लोग भद्राकाल में जो भी शुभ काम करेंगे, वह अशुभ फल देगा. कथाओं में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि रावण को उनकी बहन ने भद्राकाल में ही राखी बांधी थी, जिसके चलते भगवान राम के हाथों उसकी मौत हुई.”

यह भी पढ़ें- Raksha Bandhan 2024: रक्षा बंधन पर राशि के अनुसार भाई को बांधें राखी, चमक उठेगी किस्मत

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए, भद्राकाल में भाई की कलाई पर राखी नहीं बांधनी चहिए. इससे कई तरह के गलत प्रभाव हो सकते हैं. आपके भाई के जीवन में कष्‍ट आ सकते हैं. रक्षा बंधन पर दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक भद्राकाल रहेगा. इसके बाद आप रात 9 बजकर 30 मिनट तक कभी भी अपने भाई को राखी बांध सकते हैं.”

क्या करें उपाय?

भद्राकाल में राखी बांधने के उपाय पर बात करते हुए गायत्री शर्मा ने कहा, “ज्योतिषी शास्त्र में हर चीज का उपाय दिया गया है. भद्राकाल में अगर आप राखी बांधना चाहते हैं तो इसके लिए भगवान गणेश के सामने प्रार्थना करें. भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, वह भक्‍तों के सभी कष्‍टों को हर लेते हैं. इस रक्षाबंधन पर आपको भद्राकाल के अशुभ फल से बचने के लिए भगवान गणेश के चरणों में राखी को रखकर प्रार्थना करते हुए अपने भाई को राखी बांध सकते हैं. इससे भद्राकाल का सारा प्रभाव खत्‍म हो जाएगा.”

-भारत एक्सप्रेस



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