Vaishali Kalibari Durga Puja 2026: दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल गाजियाबाद के वैशाली स्थित ‘वैशाली कालीबाड़ी’ में इस वर्ष 33वें शारदीय दुर्गोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जा रहा है. 16 अक्टूबर (महाषष्ठी) से लेकर 21 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) तक चलने वाले इस 6 दिवसीय शारदोत्सव में पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों, पुष्पांजलि, महाप्रसाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भव्य संगम देखने को मिल रहा है.
आश्विन मास के शरद ऋतु के आगमन के साथ ही शियुली फूलों की सुगंध, काश के फूलों की छटा और ढाक की गूंज के बीच मंदिर प्रांगण पूरी तरह मां दुर्गा के जयकारों और मंत्रोच्चार से गुंजायमान है.
वैशाली कालीबाड़ी कल्चरल एसोसिएशन
‘वैशाली कालीबाड़ी कल्चरल एसोसिएशन’ पिछले तीन दशकों से अधिक समय से गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में सनातन और बंगाली सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का कार्य कर रही है. संस्था न केवल वार्षिक दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन करती है, बल्कि वर्षभर विभिन्न धार्मिक उत्सवों और सामाजिक सरोकारों का भी संचालन करती है. संस्था इस वर्ष अपनी 33वीं वर्षगांठ मना रही है, जो क्षेत्र की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित पूजाओं में गिनी जाती है.
समिति के मुख्य पदाधिकारी
- सोमनाथ मुखर्जी – अध्यक्ष (President)
- अनंत घोष – महासचिव (General Secretary)
- सदानंद दास – कोषाध्यक्ष (Treasurer)
धार्मिक उत्सवों की रूपरेखा
महाषष्ठी से लेकर महानवमी तक प्रतिदिन शाम 07:30 बजे भव्य संध्या आरती होगी, जिसके तुरंत बाद स्थानीय व आमंत्रित कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे.
- कोजागरी लक्ष्मी पूजा: 25 अक्टूबर 2026 (रविवार) को शाम 7:30 बजे से.
- श्यामा (काली) पूजा: 8 नवंबर 2026 (रविवार) को रात्रि 9:30 बजे से.
- सरस्वती पूजा: 11 फरवरी 2027 (गुरुवार) को सुबह 9:00 बजे से (साथ ही छोटे बच्चों का विद्यारंभ संस्कार ‘हाते खोड़ी’ सुबह 11:00 बजे).
दुर्गा पूजा का विस्तृत कार्यक्रम
16 अक्टूबर (शुक्रवार) – महाषष्ठी
- सुबह 09:30 बजे: कल्पारंभ एवं षष्ठी पूजा.
- सुबह 10:30 बजे: पुष्पांजलि.
- शाम 07:30 बजे: देव्या बोधन, आमंत्रण एवं अधिवास.
17 अक्टूबर (शनिवार) – महासप्तमी
- सुबह 08:00 बजे: नवपत्रिका प्रवेश एवं पूजारंभ.
- सुबह 10:30 बजे: पुष्पांजलि; सुबह 11:00 बजे: प्रसाद वितरण.
- दोपहर 12:00 बजे: भोग निवेदन एवं दोपहर की महाआरती.
18 अक्टूबर (रविवार) – महाअष्टमी (अहोरात्र)
- सुबह 08:30 बजे: अष्टमी पूजारंभ; सुबह 10:30 बजे: पुष्पांजलि.
- सुबह 11:00 बजे: प्रसाद वितरण; दोपहर 12:00 बजे: भोग व आरती.
19 अक्टूबर (सोमवार) – महाअष्टमी विस्तार एवं संधि पूजा
- सुबह 07:26 से 08:14 बजे तक: अत्यंत महत्वपूर्ण संधि पूजा का समापन.
- दोपहर 12:30 बजे: विशेष भोग अर्पण एवं आरती.
20 अक्टूबर (मंगलवार) – महानवमी
- सुबह 06:00 बजे: पूजारंभ; सुबह 08:00 बजे: पुष्पांजलि.
- सुबह 08:30 बजे: कुमारी पूजा, भोग व आरती तथा प्रसाद वितरण.
- सुबह 09:00 बजे: महायज्ञ / होम (हवन) अनुष्ठान.
21 अक्टूबर (बुधवार) – विजयादशमी
- सुबह 08:30 बजे: दशमी पूजारंभ; सुबह 09:30 बजे: पुष्पांजलि.
- सुबह 10:00 बजे: दर्पण विसर्जन.
- सुबह 10:30 बजे: पारंपरिक प्रतिमा वरण एवं सिंदूर खेला.
- शाम 07:30 बजे: मंदिर परिसर में प्रतिमा निरंजन; रात 08:00 बजे: शांतिजल.
मंदिर पहुंचने का आसान रूट (Location & Route Guide)
वैशाली कालीबाड़ी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के सभी प्रमुख हिस्सों से सीधी कनेक्टिविटी पर स्थित है.
- वैशाली कालीबाड़ी परिसर, सेक्टर-4, वैशाली, गाजियाबाद – 201012 (उत्तर प्रदेश).
- दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन (वैशाली ब्रांच) पर स्थित ‘वैशाली मेट्रो स्टेशन’ (Vaishali Metro Station).
- वैशाली मेट्रो स्टेशन से मंदिर परिसर की दूरी मात्र 1.5 से 2 किलोमीटर है, जहां से ई-रिक्शा, ऑटो या कैब द्वारा 5 से 7 मिनट में आसानी से पहुंचा जा सकता है.
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आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डे (ISBT) और दिल्ली बॉर्डर से कौशांबी होते हुए सीधे वैशाली सेक्टर-4 पहुंचा जा सकता है. वहीं नोएडा की तरफ से आने वाले श्रद्धालु यूपी गेट / गाजीपुर बॉर्डर अथवा खोड़ा-कौशांबी लिंक रोड के जरिए सीधे पहुंच सकते हैं.
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