खेल

इंग्लैंड ने 2025 से महिलाओं के पेशेवर घरेलू क्रिकेट के लिए समान वेतन का किया ऐलान

क्रिकेट को जेंडर के आधार पर नहीं बल्कि परफॉर्मेंस के आधार पर तवज्जो दी जानी चाहिए. यह कोशिश वर्षों से कई देशों के क्रिकेट बोर्ड कर रहे हैं. इस पहल को मजबूत करने के लिए इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया. 2025 से पुरुषों और महिलाओं के पेशेवर घरेलू क्रिकेट में न्यूनतम वेतन समान कर दिया जाएगा.

इसमें बताया गया है कि शुरुआती वेतन और वेतन बजट डिटेल को ECB की प्रोफेशनल गेम कमेटी (PGC) द्वारा स्वीकार कर लिया गया है. इसमें फर्स्ट क्लास काउंटियाँ (FCC), प्रोफेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन (PCA) और ECB के प्रतिनिधि शामिल हैं.

यह कदम ‘रूकी’ स्तर पर लागू होगा, जिसे पहली बार महिलाओं के खेल में शामिल किया जा रहा है और जो आमतौर पर किसी खिलाड़ी का पहला पेशेवर अनुबंध होगा, तथा ‘सीनियर प्रो’ स्तर पर उन खिलाड़ियों के लिए लागू होगा, जिन्होंने प्रथम टीमों में स्वयं को स्थापित कर लिया है. यह निर्णय क्रिकेट में समानता के लिए स्वतंत्र आयोग (ICEC) की 2023 की रिपोर्ट के मद्देनजर लिया गया है, जिसमें महिला क्रिकेट में वेतन समानता और बढ़ाने की बात की गई है.

वेतन में बदलाव के अलावा, ECB ने पुष्टि की है कि 2025 से, नई महिला प्रतियोगिता में आठ टियर-1 काउंटियों में न्यूनतम 15 अनुबंधित खिलाड़ियों की टीम होगी. इन काउंटियों को खिलाड़ियों के वेतन लागत में कम से कम 500,000 पाउंड का निवेश करना होगा. इसके अलावा, टियर-1 स्थिति वाले एफसीसी के लिए प्रति वर्ष 800,000 पाउंड की वेतन सीमा पर सहमति हुई है.

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पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए शुरुआती वेतन को समान करने का कदम महिलाओं के पेशेवर खेल को मजबूत करने का दमखम रखता है. यह इस महीने की शुरुआत में की गई घोषणा के बाद आया है कि महिलाओं और पुरुषों की पेशेवर सफेद गेंद प्रतियोगिताएं अगले सीजन से विटैलिटी ब्लास्ट और मेट्रो बैंक वन डे कप के बैनर तले एक साथ होंगी.

ECB में महिला पेशेवर खेल की निदेशक बेथ बैरेट-वाइल्ड ने ECB द्वारा जारी एक बयान में कहा, “हमारे पुरुष और महिला पेशेवर घरेलू खेल में शुरुआती वेतन को समान करना इंग्लैंड और वेल्स में महिला क्रिकेट के लिए एक और शानदार कदम है.”

-भारत एक्सप्रेस

आईएएनएस

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