T20 World cup 2026: टीम इंडिया की टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद खिलाड़ियों और कोच गौतम गंभीर ने अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन किए. इस पर पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रॉफी को केवल मंदिर ही क्यों ले जाया गया. उनका कहना था कि अगर ऐसा किया गया है तो अन्य धर्मों के पूजा स्थलों पर भी ले जाना चाहिए था. उन्होंने इस कदम को भेदभावपूर्ण बताया.
गौतम गंभीर ने क्या कहा?
मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है जिस पर चर्चा की जाए. गंभीर के अनुसार, यह जीत पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है और इसे खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धि के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान टीम की सफलता को कमतर दिखाने का प्रयास करते हैं.
गंभीर ने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने भारी दबाव झेला. खासकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद टीम पर काफी प्रेशर था. ऐसे समय में इस तरह की टिप्पणियां करना खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष को नजरअंदाज करने जैसा है.
जीत का जश्न मनाने का अधिकार
गंभीर ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम को अपनी जीत का जश्न अपने तरीके से मनाने का पूरा हक है. इसमें धर्म या राजनीति को शामिल करना गलत है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धि को सम्मान मिलना चाहिए, न कि विवादों में घसीटा जाना चाहिए.
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हरभजन सिंह ने किया समर्थन
गंभीर के अलावा पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने भी कीर्ति आजाद के बयान पर नाराजगी जताई और टीम डिया का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और जीत का सम्मान होना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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