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10 मैच का सूखा खत्म, 41 गेंदों में ठोके 91 रन; पारी के बाद भावुक हुईं हरमनप्रीत कौर, देखें VIDEO

Ind vs zim Women’s T20: हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 में 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए. 10 मैच के बाद बड़ी पारी खेलने के बाद बात करते हुए भावुक हो गईं.

Harmanpreet Kaur emotional video

हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 में 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए

Harmanpreet Kaur emotional video: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरा टी20 मुकाबला बेहद खास रहा. लंबे समय से बड़ी पारी का इंतजार कर रहीं हरमनप्रीत ने आखिरकार अपने बल्ले से ऐसा जवाब दिया कि हर कोई उनकी तारीफ करने लगा. रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में 20 अक्टूबर को खेले गए मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन ठोक दिए. हालांकि, इस शानदार पारी के बाद जब वह पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन से बात कर रही थीं, तो अपने आंसू नहीं रोक पाईं.

41 गेंदों में बरसे चौके-छक्के

हरमनप्रीत कौर ने अपनी तूफानी पारी के दौरान 10 चौके और पांच छक्के लगाए. उनकी बल्लेबाजी में वही आक्रामक अंदाज नजर आया, जिसके लिए वह जानी जाती हैं. खास बात यह रही कि पिछले 10 मैचों से उनका बल्ला बड़ी पारी के लिए तरस रहा था. इस दौरान वह एक भी अर्धशतक नहीं लगा सकी थीं. महिला टी20 एशिया कप और एशियन गेम्स 2026 में भी उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. हालांकि, भारतीय टीम ने इन दोनों टूर्नामेंट में खिताब अपने नाम किया था.

ऐसे में 91 रनों की यह पारी हरमनप्रीत के लिए सिर्फ एक अच्छी पारी नहीं, बल्कि खुद पर भरोसा लौटाने का मौका भी थी.

डब्ल्यूवी रमन की बात ने बढ़ाया हौसला

मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत के दौरान हरमनप्रीत ने बताया कि वह मैदान पर उतरकर अपने खेल का आनंद लेना चाहती थीं. उन्होंने अपनी इस पारी का श्रेय पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन को भी दिया. हरमनप्रीत के मुताबिक, रमन ने उन्हें अपनी मर्जी से खेलने और खुद पर भरोसा बनाए रखने की सलाह दी थी.

इस सलाह ने उन्हें बिना किसी दबाव के बल्लेबाजी करने का हौसला दिया. पारी के बाद रमन से बातचीत करते समय हरमनप्रीत भावुक हो गईं. उनकी आंखों में आंसू देखकर साफ था कि इस प्रदर्शन का उनके लिए कितना महत्व था.


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कोच की मेहनत भी आई काम

हरमनप्रीत ने अपनी वापसी का श्रेय बल्लेबाजी कोच हिमांशु को भी दिया. उन्होंने बताया कि आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के बाद उन्हें नेट्स पर अभ्यास करने और अपनी बल्लेबाजी की कमियों पर काम करने का मौका मिला. उन्होंने इस दौरान काफी मेहनत की, जिसका फायदा मैदान पर दिखाई दिया.

41 गेंदों में 91 रनों की पारी और उसके बाद छलकते आंसू हरमनप्रीत के संघर्ष की कहानी बयां करते हैं. लंबे इंतजार के बाद मिली इस सफलता ने दिखाया कि खराब फॉर्म के दौर में भी खुद पर भरोसा और सही मार्गदर्शन कितना मायने रखता है.

-भाारत एक्सप्रेस



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