मच्छर काटने पर सूजन या फफोले? जानें क्या है स्किटर सिंड्रोम
By Shubhra Rai
Team India
Team India: अब तक कहा जाता रहा है कि टीम इंडिया आईसीसी टूर्नामेंट्स के नॉकआउट का दबाव नहीं झेल पाती और बिखर जाती है. मगर जब टीम घरेलू सरजमीं और द्विपक्षीय सीरीज में ही हारने लगे तो क्या ही करे!, किसी भी टीम की हार कई सवाल उठाती है, लेकिन इन दिनों टीम इंडिया का फ्लॉप शो है की थमने का नाम ही नहीं ले रहा. इस सीरीज के बाद जहां ऑस्ट्रेलिया ने साबित कर दिया है कि वह वर्ल्ड कप का असली दावेदार है.
वहीं भारतीय टीम की खामियां एक बार फिर उजागर हुई है. टीम इंडिया की रणनीति की बात करें, तो उस पर कई सवाल उठाया जा रहे हैं. ना टीम कॉम्बिनेशन सटीक बैठ रहा है ना हीं प्लेइंग-11.
ये हार भूलो IPL देखो!
इन दिनों ऑस्ट्रेलिया से मिली इस हार का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ IPL के मुकाबले शुरू होने वाले हैं. चाहे टीम इंडिया के खिलाड़ी हो या टीम सिलेक्शन स्टाफ हर कोई आईपीएल की तैयारियों में लीन है. शायद इस बात की टेंशन भारतीय टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा को ना हो लेकिन पूर्व भारतीय दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर की चेतावनी टीम की आखें खोलनी वाली है.
उन्होंने कहा, टीम इंडिया को आईपीएल की चकाचौंध में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए. क्योंकि विश्व कप में फिर से हमारा सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा.
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वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी… कोच-कप्तान पर उठे सवाल!
इन दिनों टीम इंडिया डिफेंसिव क्रिकेट खेल रही है. टीम की इस रणनीति की बात करें, तो उसकी इस रक्षात्मक चाल पर जरूर सवाल उठाया जा सकता है. या यूं कह लीजिए, भारत को वनडे और टी20 वर्ल्ड कप चैम्पियन इंग्लैंड की तरह निडर क्रिकेट खेलने की जरूरत है. बीते कुछ दिन इंग्लिश टीम ने अपना निडर रवैया मैदान पर दिखाया है जिसका फायदा टीम को हुआ भी है.
खैर खराब समय और दौर हर टीम का आता है. उम्मीद यही है कि इस बार भारतीय टीम हर चुनौतियों को पार करते हुए नया इतिहास रचेगी. हमारा बस यही कहना है कि वर्ल्ड कप के लिए 15 खिलाड़ियों का स्क्वॉड चाहे जो भी हो, आईसीसी ट्रॉफी के लिए 10 साल के इंतजार को खत्म करने के लिए सर्वश्रेष्ठ 11 चुनने की जरूरत है. अब देखना यह होगा की आने वाले 3-4 महीने में भारतीय टीम इन खामियों को किस हद तक दूर करती है.
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