बदलाव की चाह, आज़ादी की मांग और फिर… बिछ गईं हज़ारों लाशें; बीजिंग की उस रात का वो सच जिसे आज भी छिपाता है चीन
4 जून 1989 की रात बीजिंग के थियानमेन चौक पर जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को हिला दिया था. यह वही जगह थी जहां हजारों छात्र और आम नागरिक शांतिपूर्वक इकट्ठा होकर अपने देश में लोकतंत्र, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और अभिव्यक्ति की आज़ादी की मांग कर रहे थे.





