एक हिंसक घटना जिसने गांधी के अहिंसा आंदोलन रोकने पर मजबूर कर दिया
चौरी चौरा कांड की 104वीं वर्षगांठ पर यह घटना फिर याद दिलाती है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसा और जनाक्रोश के बीच संतुलन कितना जटिल था. 1922 की इस घटना ने ना सिर्फ असहयोग आंदोलन को रोका, बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा और बहस को हमेशा के लिए बदल दिया.





