Bharat Express DD Free Dish

Deshbhakti

गणतंत्र दिवस का पावन पर्व केवल तिरंगा फहराने, झांकियों और परेड देखने तक सीमित नहीं होता। यह दिन उन वीर सैनिकों को नमन करने का भी अवसर होता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 26 जनवरी के इस विशेष अवसर पर जब देश के फौजी भाई प्रेमानंद महाराज के समक्ष पहुंचे, तो पूरा माहौल भावनाओं से भर गया। सैनिकों को देखकर प्रेमानंद महाराज स्वयं भाव-विभोर हो उठे और उनके प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया।

15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 ये दोनों दिन भारत के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराने के नियम अलग-अलग होते हैं? इस वीडियो में जानिए ध्वजारोहण और Flag Unfurling का अंतर, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की भूमिका के पीछे का कारण, और लाल किले पर फहराए जाने वाले तिरंगे की रस्सी से जुड़ी एक अनोखी परंपरा. यह कहानी सिर्फ झंडे की नहीं, बल्कि भारत की आज़ादी और संविधान की आत्मा की है.

BSF jawans Jai Hind Diwali: पंजाब के गुरदासपुर सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने रविवार शाम को दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया. इस अवसर पर बीएसएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) जसविंदर कुमार बिरदी और विभिन्न बटालियनों के कमांडेंट जवानों के साथ शामिल हुए.