क्या आप जानते हैं कलयुग का ‘अमृत’ किस फूल को कहते हैं? सूप से लेकर चाय तक में होता है इस्तेमाल
महान आयुर्वेदिक प्रणेता महर्षि सुश्रुत ने विश्व प्रसिद्ध ग्रंथ ‘सुश्रुतसंहिता’ में इसकी चर्चा शिशु रोगों के संदर्भ में की. उन्होंने लिखा कि इसके फूल से निकलने वाला अमृत तुल्य रस मधुपालन के लिए उपयोगी है.





