बंगाल में फर्जी वोटरों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, चुनाव आयोग ने तय की डेडलाइन; अफसरों में मचा हड़कंप
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची में धांधली करने वाले 4 चुनाव अधिकारियों के खिलाफ मंगलवार तक एफआईआर दर्ज की जाए. ममता बनर्जी ने पहले इस कार्रवाई का विरोध किया था.
West Bengal elections : बंगाल में दांव पर 58 लाख वोट ? ममता के फॉर्म पर सस्पेंस
पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) राजनीतिक विवाद का बड़ा कारण बन गया है। जहां कई राज्यों में SIR प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा बढ़ाई गई है, वहीं बंगाल में किसी प्रकार की तारीखों में ढील न देने से चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं।
UP में भी होगा ‘खेला’? SIR को लेकर SP-Congress की नई चाल!
उत्तर प्रदेश में शुरू हुए SIR यानी Special Intensive Revision का पूरा उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ और सही बनाना है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट, मृतक और फर्जी वोट हटाए जाते हैं ताकि चुनाव पारदर्शी रहें। बिहार में भी यह प्रक्रिया हो चुकी है जहाँ लाखों नाम हटाए गए थे। यूपी में भी अनुमान है कि 30–50 लाख नाम कट सकते हैं, इसलिए जागरूक रहना बहुत ज़रूरी है। अपना नाम वोटर लिस्ट में अवश्य जांचें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत सुधार करवाएँ। SIR आपके वोट को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है।
Bihar Assembly Election: बिहार के वोटर लिस्ट में घुस चुके हैं बांग्लादेशी घुसपैठिये! चुनाव आयोग के मतदाता सूची पुनरीक्षण में हुआ खुलासा
Bihar Assembly Election: सूत्रों के अनुसार बिहार में SIR के दौरान बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार से अवैध रूप से बिहार आए लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ा गया है. ये बहुत बड़ी संख्या है.





