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fdi in india

रिज़र्व बैंक (RBI) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, भारत को अप्रैल 2025 में कुल 3.95 अरब डॉलर का नेट विदेशी निवेश (FDI) मिला है. यह बीते 35 महीनों में सबसे ज़्यादा है और पिछले साल अप्रैल की तुलना में दोगुना.

Chinese Investment in India: भारत सरकार चीन से आने वाले एफडीआई प्रस्तावों की सख्त समीक्षा करेगी, जिससे चीनी कंपनियों के निवेश प्रोजेक्ट्स में देरी हो सकती है. यह कदम हालिया सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया है.

औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक मजबूत कदम के रूप में, सरकार ने 2025-26 में पीएलआई योजना के तहत प्रमुख क्षेत्रों के लिए बजट आवंटन में वृद्धि की है.

FDI भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भविष्य में अवसंरचना क्षेत्र में बड़े निवेशों की आवश्यकता होगी. इसके अलावा, FDI प्रवाह से भुगतान संतुलन बनाए रखने और रुपये की वैल्यू को स्थिर रखने में मदद मिलती है.

भारत का GCC देशों के साथ व्यापार 2022-23 में $184.46 बिलियन तक पहुंचा, जो मजबूत आर्थिक रिश्तों को दर्शाता है. पिछले दशक में GCC देशों से कुल एफडीआई प्रवाह का 89% हिस्सा आया.

भारत में सबसे ज्यादा 3.9 अरब डॉलर का FDI निवेश सर्विस सेक्टर में आया है. डीपीआईआईटी के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2024-25) में भी एफडीआई मजबूत रहा है. कुछ आंकड़े देखिए.

FDI in India Manufacturing Sector : देश के वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 10 वर्षों (2014-24) में विदेशी इक्विटी निवेश 69% बढ़कर 165.1 अरब डॉलर हो गया है.