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FII

एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के बीच, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पिछले सात कारोबारी सत्रों में से पांच में शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने सेकेंडरी मार्केट में 3,000 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर खरीदे.

एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार, 9 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने 2050 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 83 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स ((InvIT Market) का कुल AUM वित्त वर्ष 2025 में 73 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. यह आंकड़ा 2030 तक 3.5 गुना बढ़कर 257.9 अरब डॉलर होने का अनुमान है.

डेटा के मुताबिक, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) इस साल एक जनवरी से लेकर 25 जून तक भारतीय शेयर बाजार में 3,54,861.75 करोड़ रुपए का निवेश कर चुके हैं. जनवरी से जून तक, सभी महीनों में डीआईआई निवेश सकारात्मक रहा है.

जानकारों ने कहा कि अक्टूबर और नवंबर में लगातार बिकवाली के बाद दिसंबर में एफआईआई के खरीददार बनने से नवंबर के निचले स्तर से बाजार में सुधार आया है.

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने अपनी रणनीति में स्पष्ट बदलाव करते हुए खरीदार का रुख अपनाया है. बाजार पर नजर रखने वालों ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद मजबूती बनी हुई है.

विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर भारत अभी विश्व के टॉप पांच देशों में शामिल है. विदेशी मुद्रा भंडारण के मामले में भारत चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद चौथे नंबर पर आता है.