राजकमल प्रकाशन के 81वें स्थापना दिवस पर ‘सहयात्रा उत्सव’: युवा वक्ताओं ने उठाए लोकतंत्र, उर्दू अदब और डायन प्रथा जैसे गंभीर मुद्दे
राजकमल प्रकाशन के 81वें स्थापना दिवस पर आयोजित ‘सहयात्रा उत्सव’ में साहित्य और समाज से जुड़े मुद्दों पर गंभीर संवाद हुआ.





