जयंती विशेष: गोपाल गणेश आगरकर, समाज सुधार की लौ जलाने वाला कलम का सिपाही
जब देश रूढ़ियों की बेड़ियों में जकड़ा था और सवाल उठाना भी बगावत माना जाता था. उस दौर में गोपाल गणेश आगरकर ने कलम को हथियार बनाया और समाज सुधार की आवाज बुलंद की थी.

जब देश रूढ़ियों की बेड़ियों में जकड़ा था और सवाल उठाना भी बगावत माना जाता था. उस दौर में गोपाल गणेश आगरकर ने कलम को हथियार बनाया और समाज सुधार की आवाज बुलंद की थी.