कब सुधरेंगी स्वास्थ्य सेवाएं?
आज पचहत्तर वर्ष बाद भी स्वास्थ सेवााओं की हालत यह है कि गरीब की सेहत सुधरना तो दूर स्वास्थ्य सेवाओं की ही सेहत खराब दिखाई देती है. विभिन्न दलों की सरकारों के शासन के बावजूद नए-नए नारों से, नए-नए वायदों से, नई-नई योजनाओं के सपने दिखाकर देश का पैसा बर्बाद किया जाता रहा है.





