विचारधारा नहीं, पहले संवाद: मेयर ममदानी के नाम एक भारतीय मुस्लिम का खुला पत्र
दो दशक से आरएसएस और मुसलमानों के बीच चल रहे संवाद की कहानी, जिसे दुनिया के लिए जानना ज़रूरी है। आरएसएस के बारे में जो कहा जाता है, उसे सुनना ज़रूरी है। लेकिन आरएसएस के साथ काम करने वाले मुसलमानों को भी सुनना उतना ही ज़रूरी है। किसी संगठन की पूरी तस्वीर केवल उसके आलोचकों से बात करके नहीं मिल सकती। उसके साथ काम करने वालों के अनुभव भी उस तस्वीर का हिस्सा होते हैं।





