Bharat Express DD Free Dish

Indian Poets

13 जुलाई 1941 को अंबाला में जन्मी सुनीता जैन ने हिंदी और अंग्रेजी साहित्य दोनों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की. 70 से अधिक पुस्तकों की रचनाकार, पद्मश्री सम्मानित और स्त्री अस्मिता की आवाज रहीं सुनीता जैन का लेखन आज भी प्रेरित करता है.

हुल्लड़ मुरादाबादी, जिनका असली नाम सुशील कुमार चड्ढा था, ने हिंदी साहित्य में हास्य-व्यंग्य की गहरी छाप छोड़ी. उनकी रचनाएं आज भी लोगों को गुदगुदाने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करती हैं.