16 घंटे की गुलामी से 8 घंटे के हक तक, पसीने से लिखी गई है हमारे विकास की कहानी, जानें कब से मनाया जाता है मजदूर दिवस
आसमान छूती इमारतों से लेकर आपकी थाली के अन्न तक, सब मजदूरों की देन है. यह लेख मजदूर दिवस के गौरवशाली इतिहास, भारत में इसके सफर और वर्तमान समय में 'गिग इकॉनमी' व AI के कारण पैदा हुए सुरक्षा संकट पर विस्तार से चर्चा करता है.





