जब ‘शेषन’ से कांपते थे नेता… लिंगदोह की तकरार और अब ज्ञानेश कुमार के दौर की चुनौतियां, जानिए कैसे बदला चुनाव आयोग?
भारत के लोकतंत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त का पद हमेशा से विशेष महत्व रखता रहा है. यह पद ना सिर्फ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी वहन करता है, बल्कि समय-समय पर राजनीतिक दबावों के बीच अपनी विश्वसनीयता साबित करने की भी परीक्षा देता है.





