Bharat Express DD Free Dish

Land Slide

मानसून के मौसम में भारत हर साल तबाही झेलता है. उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में बादल फटने और भूस्खलन से जन-धन का नुकसान बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और भ्रष्टाचार ने इन आपदाओं को और गंभीर बना दिया है.

भारी बारिश और लगातार भूस्खलन ने इस साल धार्मिक यात्राओं पर असर डाला है. वैष्णो देवी, अमरनाथ और चारधाम यात्राओं को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए रोकना पड़ा है. लाखों लोग अब मौसम सुधरने का इंतजार कर रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश ने कहर बरपा दिया है. मंगलवार को रियासी जिले के त्रिकुटा पहाड़ियों पर माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन में 5 लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हुए है.

उत्तराखंड जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में अनियंत्रित निर्माण और जंगल कटाई ने पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ कर बादल फटने और भूस्खलन जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ा दिया है. विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अगर यह रफ्तार न रुकी तो पहाड़ों में भारी तबाही हो सकती है.

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के लोरन इलाके में सोमवार शाम बादल फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. तेज बारिश और अचानक जल प्रवाह के कारण भूस्खलन जैसी स्थिति बनी. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य शुरू कर दिया है.

भूस्खलन से पोर्गेरा स्वर्ण खदान के पास एक हाईवे का हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसका संचालन बैरिक गोल्ड द्वारा बैरिक नियुगिनी लिमिटेड के माध्यम से किया जाता है.