स्मृति शेष: गजलों का शहजादा, वो जादूगर जिसने साज से रचे जज्बात, निधन के 30 साल बाद मिला फिल्म फेयर अवॉर्ड
जब सुर किसी जादू की तरह दिल में उतरें और हर धुन में कुछ खास एहसास हो, तो समझ लीजिए वह संगीत गजलों के शहजादे का है. 14 जुलाई, 1975 को हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे जादूगर को खो दिया





