असली महाकुंभ तो कल्पवासियों, साधु-संतों के अखाड़ों, शिविरों में हैं
असली महाकुंभ का यही असली अमृत है, जो लगातार बरस रहा है. छकने वाले इसे पूरे मन से छक भी रहे हैं. वायरल होना तो वायरल बुखार की तरह है, जो कुछ दिनों में उतर जाएगा. लगभग उतर भी चुका है.

असली महाकुंभ का यही असली अमृत है, जो लगातार बरस रहा है. छकने वाले इसे पूरे मन से छक भी रहे हैं. वायरल होना तो वायरल बुखार की तरह है, जो कुछ दिनों में उतर जाएगा. लगभग उतर भी चुका है.