‘एक दीया, जो बुझा नहीं..’, भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की वह कहानी जो इतिहास बन गई
यह सिर्फ एक पुरस्कार की कहानी नहीं, बल्कि उस जंग की गवाही है, जिसे कैलाश सत्यार्थी ने बच्चों की आज़ादी और अधिकारों के लिए लड़ा. 'एक दीया, जो बुझा नहीं' केवल एक शख्स की कहानी नहीं, बल्कि उन करोड़ों मासूम बच्चों की आवाज है, जिनकी हथेली में आज भी कलम की जगह पत्थर हैं.
दलाई लामा, जैन आचार्य लोकेश और मलाला यूसुफजई को लंदन में ‘अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा
दलाई लामा, जैन आचार्य लोकेश और मलाला यूसुफजई को 9 अगस्त 2025 को लंदन में 'अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा. यह पुरस्कार उन्हें युद्ध, हिंसा और परमाणु खतरे के बीच विश्व में शांति स्थापित करने के उनके अद्भुत प्रयासों के लिए दिया जाएगा.
Bharat Express की पत्रकार याना मीर ने ब्रिटिश संसद में PAK को कोसा, कहा- “मैं मलाला नहीं, अपने देश में महफूज और आजाद हूं..”
कश्मीर की बेटी याना मीर का 1.50 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. याना भारत एक्सप्रेस की सीनियर एंकर हैं, इन दिनों वह यूनाईटेड किंगडम में हैं. वहां उन्हें ब्रिटिश संसद में बोलने का मौका मिला. करोड़ों हिंदुस्तानियों का दिल जीत लिया.





