मौलाना महमूद मदनी का जिहाद पर बयान, भड़के ये नेता
मदनी ने कहा कि मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि भारत जैसे सेक्युलर देश में जहां जम्हूरी हुकूमत है, वहां जिहाद मौजूए बहस ही नहीं है. देश के मुसलमान संविधान की वफादारी के पाबंद हैं. यहां सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संविधान के अनुसार नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करें. अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है.
‘जब तक जुल्म होगा, तब तक जिहाद होगा…’, मौलाना महमूद मदनी के ‘जिहादी’ बोल, सुप्रीम कोर्ट पर भी की तीखी टिप्पणी
इस्लामी धर्मगुरू मौलाना महमूद मदनी अपने विषैले बयान के कारण फिर सुर्खियों में आ गए हैं. आज उन्होंने भोपाल में हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन में 'जिहाद' की अवधारणा को एक 'पवित्र कर्तव्य' बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए.
Ayodhya Ram Temple: “मुल्क के वजीरे आजम को न किसी मंदिर…”, पीएम मोदी द्वारा राम मंदिर का उद्घाटन किए जाने का मौलाना महमूद मदनी ने किया विरोध
मदनी ने राम मंदिर को लेकर कहा है कि, हम अयोध्या पर जो कोर्ट का फैसला आया है उसे सही नहीं मानते हैं. हमारा मानना है कि वो फैसला गलत माहौल में, गलत तरीके से, गलत बुनियादों पर किया गया है.
UP News: मौलाना महमूद मदनी के बयान के खिलाफ उतरा हिंदू महासभा, कहा, “1400 साल पहले नहीं था इस्लाम, सबसे पहले वेद-पुराण और उपनिषद थे.”
UP News. मौलाना महमूद मदनी ने कहा था, "भारत जितना नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत का है, उतना ही महमूद मदनी का भी है.... इस्लाम सबसे पुराना मजहब है."





