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Netaji Subhash Chandra Bose

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीपों की मुक्ति, 'शहीद' और 'स्वराज' के रूप में उनका नया नामकरण, और आजाद हिंद सरकार के इस साहसी कदम ने भारत की आजादी के संकल्प को कैसे मजबूत किया, जानें इसकी पूरी जानकारी.

नेताजी की विमान दुर्घटना में मौत नहीं हुई थी. ये झूठी कहानी गढ़ी गई. तो प्रश्न उठता है कि फिर नेताजी गए कहाँ?

यह विवाद इस सप्ताह के आरंभ में शुरू हुआ, जब राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में नेताजी की मृत्यु की तारीख 18 अगस्त 1945 बताई.