निजाम की जिद, रजाकारों का अत्याचार और भारत में विलय: पढ़ें हैदराबाद के एकीकरण की पूरी दास्तान
आजादी के समय हैदराबाद को भारत में मिलने से रोकने वाले रजाकार कौन थे? जानिए कासिम रजवी के आतंक, निजाम की भूमिका और भारतीय सेना के 'ऑपरेशन पोलो' की पूरी कहानी.
रजाकारों के आतंक से ‘ऑपरेशन पोलो’ की जीत तक: जानिए 13 से 17 सितंबर 1948 के बीच क्या-क्या हुआ
13 सितंबर 1948 को शुरू हुए 'ऑपरेशन पोलो' ने महज 108 घंटे में हैदराबाद का भारत में विलय करा दिया. जानिए सरदार पटेल की दूरदर्शिता और निजाम के पतन की पूरी कहानी.
ऑपरेशन पोलो: एक स्वतंत्र रियासत का विलय, भारत की अखंडता की सबसे निर्णायक सैन्य कार्रवाई
17 सितंबर 1948 को हैदराबाद के निजाम ने भारतीय सेना के खिलाफ युद्ध विराम की घोषणा की, जिससे हैदराबाद का भारत में विलय सुनिश्चित हुआ. ऑपरेशन पोलो के तहत भारतीय सेना ने चार दिशाओं से प्रवेश कर निजाम की सेना और रजाकारों को मात दी.
क्या था ऑपरेशन पोलो? जिसमें भारतीय सेना ने रजाकारों को चटाई थी धूल
सरदार पटेल ने हैदराबाद को 'भारत के पेट में कैंसर' कहा था और राज्य में शांति व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सैन्य कार्रवाई की ठानी. ऑपरेशन की योजना बहुत सावधानी से बनाई गई थी.





