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Padma Shri

ताराशंकर बंदोपाध्याय, बंगाली साहित्य के एक महान विभूति, ने भारतीय लेखन की दुनिया पर अपनी अमिट छाप छोड़ी. उनका लेखन, जो भावनात्मक और गहरा है, आज भी पाठकों के साथ जुड़ता है, और बंगाली संस्कृति और मानवीय अनुभव के समृद्ध ताने-बाने को दर्शाता है.

प्रेमचंद शर्मा का गांव बॉर्डर से ज्यादा दूर नहीं है. उन्होंने जब ये देखा कि उत्तराखंड के लोग काफी संख्या में हिमाचल के खेतों में काम करने के लिए जाते हैं, तो सोचा क्यों न वे अपने ही गांव में कुछ ऐसा करें, जिससे जबरदस्त तरक्की हो और बदलाव आए.

Darshanam Mogilaiah: मोगिलैया की पत्नी का चार साल पहले निधन हो गया था. उन्होंने कहा कि वे काम के लिए कई लोगों तक पहुंचने की कोशिश की.