‘गुरुदेव टैगोर ने अपनी लेखनी से…’, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर नतमस्तक होकर क्या बोले अमित शाह?
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. अमित शाह ने कहा कि टैगोर की लेखनी, 'जन गण मन' और विश्व भारती की विरासत आज भी भारत को प्रेरित करती है.
शांतिनिकेतन से पूरी दुनिया तक… गुरुदेव टैगोर की विरासत को सलाम, अमित शाह ने नई पीढ़ी को दिया खास मंत्र
गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने टैगोर को आजादी के आंदोलन का प्रेरणा स्रोत और भारतीय संस्कृति का ध्वजवाहक बताया.
रबींद्रनाथ टैगोर के परिवार की ज़िंदगी की परत दर परत कहानी बयां करती है फिल्ममेकर अनिमेष मुखर्जी की किताब ‘ठाकुरबाड़ी’
अनिमेष मुखर्जी की किताब ठाकुरबाड़ी गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर के परिवार और 19वीं- 20वीं सदी के बंगाल के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को जीवंत करती है.
ऐसे बना था ‘जन गन मन’ भारत का राष्ट्रगान, जानिए इसका ऐतिहासिक सफर
जन गन मन जिसे गाकर 140 करोड़ भारतीयों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं . ये केवल कोई गीत नहीं है, ये भारत के गौरव को दर्शानें वाले बोल है. ये हमे भारत को आजाद कराने वाले लोगों के बलिदानों एवं उनके संघर्षों काी याद दिलाता है.
रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- उनकी कालजयी रचनाएं प्रेरक
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने गुरुवार को महान साहित्यकार, कवि, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
सिराजगंज में रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर में तोड़फोड़, बांग्लादेश सरकार ने की कार्रवाई
यह घटना कुछ दिन पहले तब सामने आई, जब संपत्ति के रखवाले और दो विजिटर के बीच विवाद हुआ. विवाद के बाद संपत्ति में तोड़फोड़ की खबरें आईं, जिसके चलते स्थानीय पुलिस में 10 जून को एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया.
बांग्लादेश में उठी टैगोर के लिखे राष्ट्रगान को बदलने की मांग, यूनुस सरकार का जवाब- भारत से दोस्ती बनी रहने दीजिये
बांग्लादेश में नवगठित यूनुस सरकार के कट्टरपंथी समर्थक जमात-ए-इस्लाम पार्टी ने रवींद्रनाथ टेगोर के लिखे बांग्लादेश के राष्ट्रगान ‘अमार सोनार बांग्ला’ को बदलने की मांग की है. हालांकि, युनूस सरकार के धार्मिक सलाहकार एएफ़एम हुसैन ने राष्ट्रगान बदलने से इनकार किया है.
जानें रविंद्रनाथ टैगोर ने अंग्रेजों को क्यों लौटा दी थी ‘नाइटहुड’ की उपाधि
नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर 20वीं सदी के शुरुआत में बंगाल और पूरे भारत में एक प्रमुख लेखक, कवि और कलाकार के साथ-साथ दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं.





