भूमिहीन, मजदूरी और सम्मान: बिहार के गांवों में आज भी क्यों कायम है वामपंथ की पकड़?
बिहार में वामपंथ सिर्फ एक चुनावी ताकत नहीं है, बल्कि यह जमीन, मजदूरी और सम्मान की एक ग्रामीण आवाज है. चुनावी उतार-चढ़ाव के बावजूद गांवों में वाम दलों की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है.





