सावन के तीसरे सोमवार पर शिवालयों में लगी भक्तों की कतार, ‘हर हर महादेव’ से गूंजा मंदिर परिसर
Sawan Somwar 2025: सावन के तीसरे सोमवार पर वाराणसी, ग्रेटर नोएडा और दक्षिण भारत के शिव मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ा. बाबा विश्वनाथ के अर्धनारीश्वर रूप के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साह.
Sawan Somwar पर उमड़ी Kashi Vishwanath Mandir में श्रद्धालुओं की भीड़
सावन का पहला सोमवार भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, और जब बात काशी विश्वनाथ मंदिर की हो, तो यह दिन और भी पावन हो जाता है. 14 जुलाई 2025 को वाराणसी स्थित प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे और शिवभक्ति में लीन नजर आए.
Sawan के पहले सोमवार पर Delhi Gauri Shankar Mandir उमड़ी भक्तों की भीड़, गूंजा हर-हर महादेव
14 जुलाई 2025 को सावन का पहला सोमवार श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा. दिल्ली के ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में शिवभक्तों का तांता लगा रहा. शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से अभिषेक किया गया. मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने भोलेनाथ से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की. मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए। पूरे परिसर में शिवभक्ति की अनूठी छटा देखने को मिली.
Sawan Somwar: Prayagraj के श्री मनकामेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
आज 14 जुलाई 2025 है और सावन का पहला सोमवार. सावन मास का यह पावन दिन भगवान शिव को समर्पित होता है और पूरे देश में इसकी विशेष मान्यता है. विशेषकर प्रयागराज जैसे तीर्थनगरी में आज श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है.
Prayagraj से शुरू हुई Sawan 2025 Kanwar Yatra, Har Har Mahadev के जयघोष से गूंजा संगम
सावन का पावन महीना शुरू होते ही कांवड़ यात्रा की भव्य शुरुआत हो गई है. प्रयागराज से इस साल 2025 की कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ, जहां हजारों की संख्या में शिवभक्तों ने गंगा नदी से पवित्र जल भरकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए अपनी यात्रा शुरू की.गंगाजल लेने के लिए प्रयागराज के संगम तट पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. भगवा रंग में रंगे कांवड़िए "हर हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं. भक्त विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान से यहां पहुंचे हैं.





