1942 का जनविद्रोह: जब आम जनता, किसानों और आदिवासियों ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी
1942 का भारत छोड़ो आंदोलन सिर्फ गांधीजी के नेतृत्व तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें किसानों, आदिवासियों और संगठित क्रांतिकारी समूहों ने भी अहम भूमिका निभाई.

1942 का भारत छोड़ो आंदोलन सिर्फ गांधीजी के नेतृत्व तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें किसानों, आदिवासियों और संगठित क्रांतिकारी समूहों ने भी अहम भूमिका निभाई.