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UPI Transaction

सुप्रीम कोर्ट ने ₹2,000 से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के खिलाफ याचिका पर केंद्र सरकार, आरबीआई, यूपीआई स्टीयरिंग कमेटी और एनपीसीआई समेत संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है.

बीते महीने सालाना आधार पर यूपीआई लेनदेन की संख्या में 32 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. पिछले साल जून में यूपीआई (UPI) लेनदेन की संख्या 13.88 अरब थी.

यूपीआई ट्रांजैक्शन वैल्यू में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है, जो वित्त वर्ष 2019-20 में 21.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2025 तक 260.56 लाख करोड़ रुपये हो गई है.

व्यवधानों की निगरानी करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के अनुसार, दोपहर 12.56 बजे तक 2,147 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से लगभग 80% यूजर्स को पेमेंट के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ा.

2016 में लॉन्च होने के बाद से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने भारत में वित्तीय पहुंच को बदल दिया है, जिससे 30 करोड़ लोग और 5 करोड़ व्यापारी निर्बाध डिजिटल लेन-देन करने में सक्षम हुए हैं.