व्यंजन नहीं, संस्कृति का आईना: ‘इतिहास की थाली’ के बहाने समझें अपनी जीवंत विरासत को सहेजने की जरूरत
अनिमेष मुखर्जी की नई पुस्तक 'इतिहास की थाली' भोजन के माध्यम से भारत के सदियों पुराने इतिहास, व्यापार और सांस्कृतिक बदलावों को परत-दर-परत खोलती है. चाय के वैश्विक सफर से लेकर आलू-टमाटर के 'विदेशी' होने तक, ये किताब हमारी थाली का हर निवाला सत्ता, राजनीति और उपनिवेशवाद की गवाही देता है.
इस खास थीम के साथ आज दुनिया भर में मनाया जा रहा है World Heritage Day, जानें इसका इतिहास और महत्व
हर साल विश्व धरोहर दिवस (World Heritage Day) 18 अप्रैल को मनाया जाता है. इस दिन को “स्मारकों और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस” (International Day for Monuments and Sites) के नाम से भी जाना जाता है.





