UP में भी होगा ‘खेला’? SIR को लेकर SP-Congress की नई चाल!
उत्तर प्रदेश में शुरू हुए SIR यानी Special Intensive Revision का पूरा उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ और सही बनाना है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट, मृतक और फर्जी वोट हटाए जाते हैं ताकि चुनाव पारदर्शी रहें। बिहार में भी यह प्रक्रिया हो चुकी है जहाँ लाखों नाम हटाए गए थे। यूपी में भी अनुमान है कि 30–50 लाख नाम कट सकते हैं, इसलिए जागरूक रहना बहुत ज़रूरी है। अपना नाम वोटर लिस्ट में अवश्य जांचें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत सुधार करवाएँ। SIR आपके वोट को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है।
ठंड के साथ जहरीली हवा! यूपी में सर्दी और स्मॉग ने बढ़ाई चिंता
उत्तर प्रदेश में सर्दी के दूसरे हफ्ते के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। पश्चिमी यूपी के जिलों मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा में AQI खतरनाक स्तर यानी 300 से पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो हफ्तों तक बारिश की संभावना नहीं है, जिससे हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व फैल नहीं पा रहे। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में भी AQI खराब श्रेणी में बना हुआ है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : केशव प्रसाद मौर्य ने महागठबंधन पर किया हमला
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होने जा रही है। पहले चरण में एनडीए ने महागठबंधन के खिलाफ बढ़त बनाई थी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर तीखा हमला करते हुए इसे ‘जंगलराज रिटर्न्स 2.0’ बताया। एनडीए ने सुशासन का दावा किया, जबकि महागठबंधन भी अपनी पूरी ताकत लगा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह चुनाव केवल सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि सुशासन और विकास की दिशा तय करेगा। जनता उत्साह के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है।
Akhilesh Yadav और Azam Khan की मुलाकात ने सपा खेमे में मचाई हलचल!
उत्तर प्रदेश की सियासत में नई हलचल तब मच गई जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लंबे अरसे बाद आमने-सामने मिले। लखनऊ में हुई यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि सपा परिवार में दोबारा एकजुटता का संकेत मानी जा रही है। आज़म खान ने धर्म के नाम पर डर फैलाने की राजनीति की आलोचना की और कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वे “मजबूत हिस्सेदार” बनेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मेल-मिलाप सपा के लिए आने वाले चुनावों में बड़ा असर डाल सकता है।





