Electronic Items Price Hike- bharat express
Electronic Items Price Hike: महंगाई का असर अब इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. गीजर, कूलर और पंखों के दाम बढ़ने से ग्राहकों की जेब पर बोझ बढ़ गया है. वहीं, लैपटॉप और मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद भी पहले के मुकाबले महंगे हो गए हैं. कारोबारियों के मुताबिक, कॉपर, स्टील और प्लास्टिक की कीमतों में तेजी के कारण कंपनियों को अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़े हैं. ऐसे में बाजार में बिक्री की वैल्यू तो बढ़ रही है, लेकिन सामान की बिक्री की संख्या में उसी अनुपात में इजाफा नहीं हो रहा है.
गीजर, कूलर और पंखों की कीमतों में कितना इजाफा?
घरेलू उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम ग्राहकों पर पड़ रहा है. वर्ष 2025 में जिस गीजर की कीमत करीब 4,000 रुपये थी, वह अब 5,500 रुपये में बिक रहा है. इसी तरह 3,000 रुपये वाला कूलर अब करीब 4,000 रुपये का हो गया है, जबकि 1,500 रुपये में मिलने वाला पंखा अब 2,000 रुपये में बिक रहा है. कमला मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट रोहित सेठी के मुताबिक, पिछले एक साल में कॉपर की कीमतों में 60 फीसदी, स्टील में 40 फीसदी और प्लास्टिक में 100 फीसदी तक तेजी आई है. कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण कंपनियों के लिए पुराने दाम पर उत्पाद बेचना मुश्किल हो रहा है. हालांकि, ग्राहकों की खरीदारी क्षमता सीमित होने से कारोबारियों के सामने भी चुनौती बनी हुई है.
कॉपर महंगा होने से एल्युमीनियम का इस्तेमाल बढ़ा
कॉपर बिजली के उपकरणों और वायरिंग में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख धातु है. इसकी कीमत बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई उद्योग प्रभावित हो रहे हैं. रोहित सेठी के अनुसार, वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमत 14,000 डॉलर प्रति टन से ऊपर पहुंच गई है. इसका असर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और कृषि जैसे क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है. कॉपर की बढ़ती लागत को कम करने के लिए कुछ निर्माता एल्युमीनियम का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं. हालांकि, दोनों धातुओं की बिजली चालकता, वजन, कीमत और टिकाऊपन में अंतर होता है. ऐसे में किस उपकरण में किस धातु का इस्तेमाल किया जाएगा, यह उत्पाद की डिजाइन और जरूरतों पर निर्भर करता है.
कॉपर पाइप भी हुए महंगे, पुराने स्टॉक पर मिल सकती है राहत
दरियागंज ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट राजीव अग्रवाल के मुताबिक, 1 अक्टूबर से कीमतों में 8 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. दिल्ली के कई डीलर पुराने रेट पर खरीदे गए माल को कम कीमत में बेच रहे हैं, ताकि अगले सीजन के लिए नया स्टॉक रखा जा सके. उन्होंने बताया कि कॉपर पाइप की कीमत में भी पिछले एक साल में काफी उछाल आया है. पहले करीब 1,150 रुपये प्रति किलो मिलने वाला कॉपर अब 1,800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. ऐसे में पुराने स्टॉक पर मिलने वाली राहत ग्राहकों के लिए खरीदारी का बेहतर मौका हो सकती है.
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लैपटॉप और मोबाइल की कीमतों में भी बढ़ोतरी
इलेक्ट्रॉनिक बाजार में लैपटॉप और मोबाइल जैसे उत्पादों की कीमतें भी बढ़ी हैं. विजय सेल्स के एक ब्रांच मैनेजर के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में कारोबार की वैल्यू में 25 से 30 फीसदी की ग्रोथ दिख रही है, लेकिन इसका बड़ा कारण उत्पादों की बढ़ी कीमतें हैं. पहले 50,000 से 60,000 रुपये की औसत कीमत वाला लैपटॉप अब 80,000 से 90,000 रुपये तक पहुंच गया है. वहीं, 20,000 रुपये की रेंज में मिलने वाले मोबाइल की कीमत 35,000 से 40,000 रुपये तक बताई जा रही है. नवरात्र के दौरान बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनियां EMI, क्रेडिट कार्ड और अन्य फाइनेंस विकल्पों पर जोर दे रही हैं. इसका मकसद उन ग्राहकों को भी खरीदारी का मौका देना है, जो एकमुश्त बड़ी रकम खर्च नहीं कर सकते.
भारत एक्सप्रेस
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