आप होम लोन (Home Loan) लेते हैं, तो शुरुआत में लगता है कि ब्याज दरें बस मामूली होंगी, लेकिन 20-30 साल की लंबी अवधि पर यह बोझ भारी पड़ सकता है. उदाहरण के लिए, 70 लाख रुपये का लोन अगर 7.50% वार्षिक ब्याज दर व 30 साल की अवधि पर लिया गया हो, तो मासिक EMI करीब ₹48,945 होगी. इस लोन की कुल ब्याज 30 साल में लगभग ₹1.06 करोड़ हो जाती है. यानी मूलधन के साथ मिलाकर कुल चुकाने वाली राशि ₹1.76 लाख के आसपास हो जाती है.
होम लोन होगा ब्याजा मुक्त (Home Loan Interest Free)
लेकिन क्या हुआ, अगर आप कोई स्मार्ट-फाइनेंस स्टेप लें जिससे बैंक को चुकाया गया ब्याज वापस मिले? इसके लिए एक तरीका है, छोटी-सी मासिक निवेश योजना, यानी SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान). जैसे मान लीजिए कि 70 लाख के लोन पर हर महीने लगभग ₹3,900 SIP शुरू कर दी जाए, जो लोन की अवधि (30 साल) तक चले. अगर आपके निवेश पर सालाना औसत रिटर्न 12% मिलता है, तो 30 साल बाद आपके निवेश की राशि ₹14.04 लाख बन जाएगी और कुल मैच्योरिटी वैल्यू लगभग ₹1.20 करोड़ तक पहुँच सकती है.
यानी होम लोन चुकाने में जो ब्याज आपने बैंक को दिया, लगभग ₹1.06 करोड़, उतनी ही रकम (या उससे भी ज्यादा) आपको SIP निवेश से वापस मिल सकती है. इस तरह आपका होम लोन “ब्याज-फ्री” बन जाता है.
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हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि निवेश को नियमित और दीर्घकालीन बनाएं रखें, और एक भरोसेमंद म्युचुअल फंड चुनें. यदि अनुशासन कायम रखा जाए, तो यह तरीका लोन की भारी ब्याज को वित्तीय रूप से बेअसर कर देता है.
इस फॉर्मूले से न सिर्फ होम लोन का दबाव कम होगा, बल्कि आपकी बचत भी एक उच्च रिटर्न देने वाले निवेश में बदलेगी और आप कम EMI के साथ अपना घर भी सुरक्षित कर सकेंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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