Bharat Express DD Free Dish

क्या घटने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? ट्रंप के एक ऐलान से क्रूड ऑयल हुआ सस्ता

Donald Trump on Crude Oil: डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य कार्रवाई रोकने के संकेत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5% की गिरावट आई. जानिए क्या भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे और क्रूड ऑयल की कीमतों का क्या असर पड़ेगा.

Crude Oil Price

Donald Trump on Crude Oil: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो सप्ताह से जारी सैन्य तनाव के बीच अब हालात कुछ शांत होते नजर आ रहे हैं. इसी का असर सोमवार को अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में देखने को मिला, जहां कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फिलहाल आगे सैन्य कार्रवाई रोकने के संकेत मिलने के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5 फीसदी तक लुढ़क गई. कारोबार के दौरान यह 90 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर से भी नीचे पहुंच गया.

कटूनीतिक बातचीत तेज

रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की रणनीति अपनाई है. अमेरिकी राजदूत ने भी कहा कि आगे के हमलों पर रोक लगाने का मकसद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के लिए माहौल तैयार करना है. इस घोषणा के बाद बाजार में यह उम्मीद मजबूत हुई कि पश्चिम एशिया में तनाव धीरे-धीरे कम हो सकता है और तेल की आपूर्ति पर मंडरा रहा खतरा भी घटेगा.

होर्मुज का क्या हाल है?

विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर बाजार की सबसे ज्यादा नजर बनी हुई है. अगर यहां जहाजों की आवाजाही सामान्य होती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति में सुधार होगा. हालांकि शिपिंग डेटा कंपनी Kpler के अनुसार, फिलहाल इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या अभी भी सामान्य से काफी कम है, जिससे साफ है कि शिपिंग कंपनियां सुरक्षा को लेकर सतर्क बनी हुई हैं.

पेट्रोल-डीजल के घटेंगे दाम?

सोमवार के शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड वायदा 4.89 डॉलर यानी 5.05 फीसदी गिरकर 91.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इस दौरान कीमत कुछ समय के लिए 90 डॉलर से भी नीचे चली गई. जिसके बाद से यह चर्चा तेज हो गई कि पेट्रोल-डीजल की किमतों में भी गिरावट आ सकती है. हालांकि बाजार अभी पूरी तरह निश्चिंत नहीं है, क्योंकि लाल सागर क्षेत्र में हूती विद्रोहियों की गतिविधियां अब भी चिंता का विषय बनी हुई हैं.


ये भी पढ़ेंं: संसद में आज सरकार का बड़ा इम्तिहान: पेपर लीक पर आएगा बिल, 5 सांसद देंगे जबाब; जानें विपक्ष कितना तैयार?


बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है और क्षेत्र में तनाव लगातार कम होता है, तो तेल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है. वहीं, यदि हालात फिर बिगड़ते हैं, तो कच्चे तेल के दाम दोबारा तेजी पकड़ सकते हैं. फिलहाल निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और समुद्री व्यापार की स्थिति पर टिकी हुई है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read