Bharat Express DD Free Dish

यूट्यूब वीडियो में ऐसा क्या बोल गए अजीत भारती? जानिए क्यों लागू हुई जमानत पर वैधानिक रोक

Ajit Bharti News: सांसद चंद्रशेखर आजाद पर जातिगत टिप्पणी के मामले में यूट्यूबर अजीत भारती की अग्रिम जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट ने टिप्पणी को प्रथम दृष्टया अपमानजनक माना है.

पटियाला हाउस कोर्ट ने अजीत भारती की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की.

पटियाला हाउस कोर्ट ने अजीत भारती की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की. (PC:भारत एक्सप्रेस)

Ajit Bharti News: यूट्यूबर अजीत भारती की अग्रिम जमानत याचिका दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दी है. यह मामला सांसद चंद्रशेखर आजाद को लेकर की गई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है. अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया यह मामला SC/ST एक्ट के तहत आता है, जिससे जमानत पर कानूनी रोक लागू होती है.

अदालत ने प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर माना कि अजीत भारती की टिप्पणियां सार्वजनिक अपमान की श्रेणी में आती हैं. SC/ST एक्ट की धारा 18 के तहत अग्रिम जमानत पर लगी रोक के कारण कोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया, हालांकि मामले की अंतिम सत्यता और वीडियो के पूर्ण संदर्भ पर कोई अंतिम राय नहीं दी गई है.

कोर्ट का रुख और वैधानिक रोक

पटियाला हाउस कोर्ट ने अजीत भारती की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उनके वीडियो में जातिगत श्रेष्ठता का भाव झलकता है. मामला नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद पर की गई टिप्पणी का है. अदालत ने स्पष्ट किया कि बयानों में SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तत्व मौजूद हैं, जिसके कारण धारा 18 के तहत अग्रिम जमानत देने पर वैधानिक रोक लागू हो जाती है. हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि ये टिप्पणियां केवल जमानत अर्जी के संदर्भ में हैं और दोष सिद्ध करने वाला अंतिम फैसला नहीं हैं.

जातिगत टिप्पणी पर अदालत के सवाल

विवाद का मुख्य केंद्र वह टिप्पणी है जिसमें चंद्रशेखर आजाद को ‘ऊंची जाति’ की लड़की से शादी के लिए ‘काबिल’ बनने की बात कही गई थी. अदालत ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति SC/ST समुदाय में शादी के योग्य है, तो ऊंची जाति में शादी के लिए उसे कुछ ‘अतिरिक्त योग्यता’ की आवश्यकता क्यों होनी चाहिए? कोर्ट के अनुसार, यह बयान केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि स्पष्ट रूप से जातिगत संदर्भ रखता है और अपमानजनक प्रतीत होता है.

मामले की पृष्ठभूमि और बचाव पक्ष की दलीलें

यह एफआईआर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बालकराम बौद्ध की शिकायत पर दर्ज की गई थी. आरोप है कि ‘SB79: Reservation Hatao Andolan Nautanki & More’ शीर्षक वाले YouTube वीडियो में चंद्रशेखर आजाद और डॉ. बी.आर. आंबेडकर पर आपत्तिजनक बातें कही गईं. बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि ये बातें काल्पनिक संदर्भ में थीं और शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद नहीं था, लेकिन अदालत ने इस दलील को खारिज करते हुए माना कि जाति के नाम अचानक नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से इस्तेमाल किए गए थे.

यह भी पढ़ें-कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ी हलचल, सिद्धारमैया की 75% आरक्षण की मांग से सीएम शिवकुमार की बढ़ीं मुश्किलें

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read