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नरेंद्र गिरी केस से ‘गंदी साजिश’ तक… संत आशुतोष ब्रह्मचारी के पास है अखाड़ों के काले सच की पोटली!

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वे साल 2016 में करीब 84 दिन संबंधित अखाड़े में रहे हैं और वहां की व्यवस्थाओं व लोगों से पूरी तरह परिचित हैं.

रिपोर्ट- अनम फातिमा


अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद संत समाज में हलचल तेज हो गई है. इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने साफ शब्दों में अपनी बातों को रखा. उन्होंने बताया कि वे साल 2016 में करीब 84 दिनों तक संबंधित अखाड़े में रहे हैं और वहां की व्यवस्था, वहां के लोग और परिस्थितियों से पूरी तरह परिचित हैं.

महाराज ने कहा,

“संत समाज से जुड़े किसी भी संस्थान में यदि विवाद या शिकायतें सामने आती हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होना बहुत जरूरी है. इसका मतलब है कि सत्य सामने आए और सनातन धर्म की मर्यादा बनी रहे. बिना जांच के किसी पर आरोप लगाना सही नहीं है. ”

आरोपों का जवाब और खुलासे की धमकी

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने आगे कहा कि यदि उन पर निराधार आरोप लगाया गया, तो वो भी चुप नहीं रहेंगे. उन्होंने साफ कहा कि उनके पास उन आरोपों को खारिज करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं. महाराज ने संकेत दिया कि अखाड़े के कुछ संतों के खिलाफ महिलाओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की भी सच्चाई सामने लाने के लिए तैयार हैं.

साथ ही उन्होंने कहा कि उनके पास नरेंद्र गिरी की मौत और आनंद गिरी के साथ जुड़े मामले की भी पूरी जानकारी है. उनका दावा है कि कुछ युवा संतों को झूठे मामलों में फंसाया गया और इसके पीछे कुछ अखाड़ों की गंदी साजिशें रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि रवींद्र पुरी और उनके समर्थकों की गतिविधियों से भी वे भली-भांति वाकिफ हैं और समय आने पर सभी तथ्य सार्वजनिक करेंगे.

महाराज ने कहा कि उनका मकसद किसी को बदनाम करना नहीं है. उनका ध्यान केवल संत समाज और सनातन धर्म की गरिमा को बनाए रखना है. उन्होंने कहा,

“हमारा उद्देश्य सिर्फ सत्य को सामने लाना और समाज को गलतफहमियों से बचाना है. जितना भी तथ्य हमारे पास हैं, उन्हें हम सार्वजनिक करने से पीछे नहीं हटेंगे. ”

इस बयान के बाद संत समाज में चर्चा तेज हो गई है. अब यह देखना होगा कि अखाड़ा परिषद और संबंधित संत इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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