Ayodhya Mahayagya Fire: धर्म नगरी अयोध्या के राजघाट (माझा जमथरा) क्षेत्र में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब सरयू किनारे चल रहे ‘श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ’ के विशाल पंडाल में भीषण आग लग गई. बांस-बल्ली, घास-फूस और कपड़ों से बने भव्य यज्ञ मंडप को आग की लपटों ने मिनटों में अपनी आगोश में ले लिया. गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि लाखों की सामग्री जलकर खाक हो गई है.
यज्ञ समापन के बाद भड़कीं लपटें
जानकारी के अनुसार, श्री जीयर स्वामी जी महाराज के सानिध्य में चल रहे इस महायज्ञ का औपचारिक समापन शुक्रवार को ही हुआ था. शनिवार को यहां अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होना था, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. दोपहर बाद अचानक पंडाल के एक हिस्से से धुएं का गुबार उठा और तेज हवाओं के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया. अचानक लगी आग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे.
Ayodhya फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियों ने पाया काबू
आग की सूचना मिलते ही अयोध्या मेला ड्यूटी और जिला मुख्यालय से फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर पहुँचीं. मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) एमपी सिंह के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया. प्रशासन के अनुसार, आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, जिसकी जांच की जा रही है.
ये भी पढ़ें: ‘दीदी, आपका समय खत्म होने वाला है…’, जानें 40 पन्नों वाली चार्जशीट से अमित शाह ने ममता सरकार की कैसे उधेड़ी बखिया?
मौके पर पहुंचे मंत्री और अधिकारी
यह महायज्ञ प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा था. घटना के समय मंत्री दयाशंकर सिंह, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह और अयोध्या के प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय मौके पर ही मौजूद थे. हादसे की खबर मिलते ही मंडलायुक्त राजेश कुमार, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर समेत पूरा प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुँच गया और बचाव कार्यों की निगरानी की.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

