स्वामी सहजानंद सरस्वती की 75वीं पुण्यतिथि पर स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मृति न्यास द्वारा विशेष आयोजन आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम स्वामी सहजानंद सरस्वती स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में सुबह 11 बजे से शुरू हुआ, जिसमें भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन उपेन्द्र राय भी शामिल हुए.
दण्ड संन्यासी को दी गई श्रद्धांजलि, प्रतिमा पर माल्यार्पण
इस अवसर पर स्वामी सहजानंद सरस्वती की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके योगदान को याद किया गया. स्वामी सहजानंद सरस्वती की 75वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसका संचालन राजेश कुमार राय पिंटू ने किया.

उपेन्द्र राय को स्मृति चिन्ह प्रदान किया, अंगवस्त्र भेंट किए
कार्यक्रम संयोजक कृष्णानंद राय और ओम नारायण प्रधान ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय का माल्यार्पण और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया.
स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मृति न्यास के सचिव अरुण कुमार राय ने उन्हें अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जबकि रामनाथ ठाकुर ने अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया.

वीरों से भरी है हमारे गाजीपुर की धरती: रासबिहारी राय
रासबिहारी राय ने भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय का स्वागत अनूठे अंदाज में किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “गाजीपुर की धरती एक से एक वीरों से भरी है, लेकिन आज के मुख्य अतिथि ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके पास काम करने के लिए 24 घंटा भी कम पड़ते हैं. इतने व्यस्त शेड्यूल के बावजूद अपनी मातृभूमि को याद रखना खास बात है. ऐसे मुख्य अतिथि का स्वागत, सम्मान जितना भी होगा वह कम ही पड़ेगा.”

इस दौरान भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय ने स्वामी सहजानंद सरस्वती की मूर्ति पर दीप प्रज्ज्वलित किया और श्रद्धासुमन अर्पित किया, इस अवसर पर न्यास के कई पदाधिकारी मौजूद रहे.


स्वामी सहजानंद सरस्वती के योगदान पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान विनोद राय ने मंच से स्वामी सहजानंद सरस्वती के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला. स्वामी सहजानंद सरस्वती, जो अखिल भारतीय किसान सभा के संस्थापक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, का जन्म गाजीपुर के दुल्लहपुर क्षेत्र के देवा गांव में हुआ था. एक दण्ड संन्यासी के रूप में उन्होंने किसानों के अधिकारों और स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. न्यास के संस्थापक मारुति कुमार राय ने बताया कि स्वामीजी ने संन्यासी जीवन के बावजूद समाज सुधार और किसान आंदोलन में आजीवन कार्य किया. उनकी 75वीं पुण्यतिथि पर न्यास उनकी उपलब्धियों को याद कर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयास कर रहा है.

स्वामीजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
आयोजन में स्वामी सहजानंद की जीवन यात्रा पर चर्चा हुई और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. न्यास का उद्देश्य युवाओं को उनके योगदान से अवगत कराना और उनकी शिक्षाओं को आगे बढ़ाना है. तस्वीरों में उपेन्द्र राय को मूर्ति पर दीप प्रज्ज्वलित करते और श्रद्धासुमन अर्पित करते देखा गया, जबकि अन्य नेताओं ने भी इसमें भाग लिया.
न्यास ने सरकार से अपील की है कि स्वामी सहजानंद के योगदान को औपचारिक मान्यता दी जाए. उनका जीवन किसानों और समाज सुधारकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. इस अवसर पर न्यास ने विभिन्न जागरूकता अभियानों की शुरुआत की, ताकि उनकी विचारधारा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे.

भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया, जो मीडिया और समाज के बीच सेतु के रूप में जाने जाते हैं.
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