रील की वजह से युवाओं ने लगाई जान की बाजी
Bijnor Youth life risking reel: बिजनौर/ इशरत अली: आज का समय सोशल मीडिया का है. युवाओं के लिए सोशल मीडिया ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है जहां वो लाइक और व्यूज के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं. रील्स का बुखार युवाओं के सिर पर सवार है. जिसके लिए युवा अपनी जान की बाजी तक लगा देते है. ऐसा ही जनपद बिजनौर के थाना बढ़ापुर क्षेत्र के कालागढ़ में देखने को मिला. जहां कुछ युवाओं ने रील बनाने के लिए नई थार गाड़ी रामगंगा नदी के अंदर उतार दी. युवाओं ने यह खौफनाम कदम चंद लाइक और व्यूज के लिए उठा. युवाओं की इस हरकत से स्थानीय लोगों के अंदर बेहद गुस्सा है. इस मामले पर स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए प्रसाशन से सख्त कार्रवाई की मांग की है. आपको दिखाते हैं युवाओं का वीडियो…
रील के लिए नदी में उतारी थार गाड़ी
वायरल वीडियो में आप साफ देख सकते हैं कि युवाओं का एक ग्रुप पानी में थार गाड़ी के साथ नजर आ रहा है, कुछ युवक गाड़ी को आगे की तरफ से धक्का देते हुए नजर आ रहे हैं और कुछ गाड़ी के पीछे की तरफ नजर आ रहे हैं. युवा बिना किसी डर के मौत को टक्कर दे रहे हैं. युवाओं में किसी भी प्रकार डर नहीं दिख रहा है, जबकि चंद सेकेंड में कोई बड़ी घटना घट सकती थी. वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों भड़क गए और इस प्रकार की रील्स के खिलाफ प्रसाशन से सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिससे इस प्रकार की रील्स पर रोक लगे. युवा सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए किसी भी हद पर उतारू हैं. जिसका समाज पर गलत असर पड़ता है और आए दिन तरह-तरह की घटनाएं सुनने को मिलती हैं.
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पुलिस मामले की कर रही जांच
वायरल वीडियो देख प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई है. पुलिस रील्स से संबंधित युवकों की पहचान में जुटी है. वीडियो में थार का नंबर स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा. जिसकी वजह से यह पता नहीं चल पा रहा है कि गाड़ी किसके नाम है. वहीं सूत्रों की मानें तो यह गाड़ी उत्तराखंड के जसपुर क्षेत्र की बताई जा रही है. जानकारी मिली है कि दो नई थार खरीदने के बाद कुछ युवक उनकी रील बनाने के लिए रामगंगा नदी पहुंचे थे. गाड़ियों का अभी रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ था, इसलिए उन पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी. फिलहाल पुलिस वाहन और उसके मालिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
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